*सुरक्षित शनिवार में छात्रों को दी गई बाल अधिकार की जानकारी*
प्राथमिक विद्यालय छुरछुरिया में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम आयोजित की गई। सितंबर माह के चौथे शनिवार को बाल सुरक्षा, बाल शोषण एवं बाल अधिकार पर चर्चा की गई। विद्यालय के शिक्षक रंजेश कुमार ने बच्चों को बताया कि अच्छे स्पर्श एवं बुरे स्पर्श में अंतर समझना होगा। आजकल बाल शोषण एवं यौन शोषण का खतरा अपनों से ही बना रहता है। रंजेश कुमार ने बच्चों को बाल विवाह के दुष्परिणाम एवं खतरों से अवगत कराया। बताया कि कम उम्र की शादी के कारण बच्चियों की जिदगी खतरे में पड़ जाती है। बच्चे किसी अनजान व्यक्ति से बातचीत न करें। सोशल मीडिया पर अपना फोटो न डालें और न ही किसी अनजान व्यक्ति द्वारा दी गई कोई भी खानपान की सामग्री ले। मौके पर बच्चों ने एक साथ एक स्वर में कहा कि हमें बाल शोषण, मारपीट, दुर्व्यवहार, तस्करी, यौन शोषण, बाल विवाह एवं बाल श्रम से आजादी चाहिए। बच्चों ने कहा कि हमें पोषण, शिक्षा, सहभागिता, बाल सुरक्षा, अभिव्यक्ति एवं तरक्की का अधिकार चाहिए जिससे हम बड़े होकर एक नेक इंसान बन सके। बाल संसद कसक कुमारी,कशिश कुमारी,नीरज कुमार किशन कुमार शुशांत कुमार , खुसबू कुमारी,शिव कुमार ने सभी बातों को समझा।रंजेश कुमार ने बताया कि हम सबको बच्चों के व्यवहार पर नजर रखन होगा। बच्चों के साथ जब भी कुछ गलत होता है तो उनके व्यवहार में परिवर्तन देखने को मिलता है। ऐसे में उसके मन को पढने की कोशिश करें और उनसे खुलकर बात करे। बच्चे को खुलकर इस बारे में बात कर बताएं कि उनके लिए क्या अच्छा है और क्या उनके लिए बुरा है। मौके पर विद्यालय परिवार के सभी सदस्य उपस्थित थे।
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